Pradeep N. Khare

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My name is Pradeep Naresh Khare. I am not a professional writer but a sales professional. In today's scenario when covid 19 has gripped the whole world and existence of mankind is in danger, I also decided to say something.

ईमानदारी का दूसरा कोई विकल्प नहीं

Pradeep N. Khare
लॉक डाउन का एक ऐसा समय था जब हम सब घर में बंद, तरह-तरह के विचारों में मगन होकर आपस में विचार-विमर्श करते रहते थे. इसी दौरान हम लोग अपने दोस्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी कर लिया करते थे और अक्सर तमाम तरह के...

चिट्ठी ना कोई संदेश कहां तुम चले गए

Pradeep N. Khare
करोना आ गया, आ गया… यह कैसा मंजर था कि हर कोई डरा हुआ, सहमा हुआ था. अपने घरों में कैद हो गया और लॉकडाउन आ गया. एक ऐसा दौर था वो जब हर कोई अपने घरों में कैद इस आशंका में डूबा हुआ था...

दोस्ती की लाठी, सुख-दुःख की साथी

Pradeep N. Khare
एक बार अपने कुछ दोस्तों के साथ लॉकडाउन के समय कॉन्फ्रेंस में हम लोग बैठे हुए थे और गपशप में लीन थे कि तभी सभी दोस्तों ने एक बात पर एक राय बनाते हुए कहा कि देखो आज इस लॉकडाउन में हम सब बहुत अकेले...