Dr. Dushyant

12 Posts
डॉ. दुष्यन्त की कई किताबें पेंगुइन, राजकमल, जगरनॉट जैसे प्रकाशकों से आई हैं, वे इतिहास में पीएच.डी. हैं। फिलहाल वे फ़िल्म प्रोफेशनल हैं और मुम्बई में रहते हैं।

पिता के जाने के बाद जब उनका सूटकेस खुलता है

Dr. Dushyant
पिता को अगर हमारे बुजर्गो ने दुनिया में हमारा ‘पहला दुश्‍मन और अंतिम दोस्‍त’ करार दिया तो क्‍या गलत कहा‼  पिता– पुत्र के रिश्‍ते की लेयर्स यानी सतहों को समझने का कलात्‍मक कर्म है नेटफ्लिक्‍स पर दो अक्‍टूबर को रिलीज हुई फिल्‍म ‘सीरियस मैन’। इसके...

नोबेल साहित्‍य पुरस्‍कार में भारतीय दावेदारी

Dr. Dushyant
इस साल नोबेल साहित्‍य पुरस्‍कार अमेरिकी कवि लुईस ग्‍लूक को दिया गया है। भारत को अब तक का अकेला पुरस्‍कार 1913 में मिला था, रवींद्रनाथ ठाकुर को ‘गीतांजलि’ के लिए। यानी सौ साल से ज्‍यादा हो गए, ऐसे समय, भारतीय दावेदारी पर नजर डालनी चाहिए,...

ब्योमकेश बख्‍शी की बहन कौन थी?

Dr. Dushyant
शेरलॉक होम्‍स की छोटी बहन इनोला का किरदार लेखिका नैंसी स्प्रिंगर की अपनी कल्‍पना और रचना है। इस सिरीज में उनके पहले उपन्यास ‘द इनोला होम्‍स मिस्‍ट्रीज : द केस ऑफ मिसिंग मारक्‍वेस’ के अडाप्‍शन के रूप में बनी फिल्‍म पिछले दिनों सीधे ही नेटफ्लिक्‍स...

राजाओं की तरह जीने वाली रानी की कहानी

Dr. Dushyant
एमएक्‍स प्‍लेयर की वेब सिरीज ‘क्‍वीन’ के पहले सीजन का कथासूत्र ओपन सीक्रेट की तरह जयललिता के जीवन से मिलता है। जयललिता हो या शक्ति शेषाद्री ऐसा अकल्‍पनीय जीवन और ऐसी अविश्‍वसनीय, अविश्‍लेष्‍य उपलब्धियां केवल, विज्ञान के ‘थिअरी ऑफ रेंडमनैस’ से ही समझी जा सकती...

पांचवें आश्रम की खोज में

Dr. Dushyant
हाल के सालों में कुछ उच्‍च कोटि के नीच बाबाओं के जो भ्रष्‍टाचार और व्‍यभिचार के कांड खुले हैं, उन सबको एक कथासूत्र में बांधकर, फिक्‍शनल कस्‍बे काशीपुर के बाबा निराला उर्फ मोंटी को रचा है प्रकाश झा ने। पहली नजर में गुरमीत राम रहीम...

दिलवालों की बस्‍ती उर्फ पाताललोक की दिल्‍ली

Dr. Dushyant
अमेजोन पर हाल ही आई वेबसिरीज ‘पाताललोक’ दिल्‍ली में घटित होती है, दिल्‍ली को दिल वालों का शहर कहा जाता है, और लुटियंस की दिल्‍ली को दर्प और सत्‍ता की क्रूरता का शहर, पुरानी दिल्‍ली हमारी मुहब्‍बत भरी हिंदुस्‍तानी रवायतों का शहर तो निजामुद्दीन सूफियाना...

सुर की बारादरी के फूल और कांटे

Dr. Dushyant
Amazon.in पर हाल ही में आई सिरीज ‘बंदिश बैडिट्स’ (Bandish Bandits) ने हमें सोचने का अवसर दिया है कि संगीत और साहित्‍य आदि कलाओं की दुनिया का भीतरी सच बाहरी सच और ग्‍लैमर से बहुत अलहदा है। उनके पीछे का अंधेरा करूणा और मानवीयता की...

भारत की आज़ादी की पूर्व संध्या का वह ऐतिहासिक चुम्बन

Dr. Dushyant
भारत की आज़ादी की पूर्व संध्या यानी 14 अगस्त 1947 को एक जोड़े ने दिल्ली के कनॉट प्लेस पर चुम्बन लिया और शादी करना तय किया था, चुम्बन लेने की इस घटना को कोलिन्स और लेपियरे ने अपनी किताब ‘फ्रीडम एट मिडनाइट‘ में दर्ज किया...

पढ़ ले दो दूनी चार, कर ले जीवन से प्‍यार

Dr. Dushyant
शकुंतला देवी हमारी गणितीय विरासत का विस्‍तार है। भारत जीरो देने वाले आर्यभट्ट का देश है, हम संख्‍याओं के माध्‍यम से ब्रह्मांड को समझने का दर्शन, सांख्‍य दर्शन, देने वाले कपिल के वंशज हैं। हम जिस आबोहवा में सांस लेते हैं, वह अल्‍बर्ट आईंसटीन के...

शोकगीत नहीं, जीवन-मरण की मैलोडियस सिम्‍फनी कहिए

Dr. Dushyant
हाल ही दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अभिनीत अंतिम फिल्‍म और इंडस्‍ट्री के सितारा कास्टिंग डायरेक्‍टर मुकेश छाबड़ा की डायरेक्‍टोरिअल डेब्‍यू फिल्‍म ‘दिल बेचारा’ के बहाने जीवन मरण की पहेली फिर जेरेबहस है… कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर को 10 सितम्‍बर 1937 को शांति निकेतन में ऐरिसिपल्‍स...