ज्ञान-विज्ञान

कौन था ‘पश्चिम का शंकराचार्य’ ?

Dr. Dushyant
आज मेरे एक प्रिय भौतिकशास्त्री का जन्मदिन है, उन्हें मैं ‘पश्चिम का शंकराचार्य’ कहना पसंद करता हूँ। उनका कहना था कि काम यह नहीं है कि तुम वह देखो, जो आज तक किसी ने नहीं देखा। बल्कि काम यह है कि जो सबको दिखता है,...

साइंस का नोबेल मिलता है, धर्म ठुकरा देता है

Dr. Dushyant
नेटफ्लिक्स पर ‘ Salam – The First ****** Nobel Laureate’  नाम से एक डॉक्यूमेंट्री आयी है, पाकिस्तान के पहले नोबल विजेता अब्दुस सलाम पर। उनके बेटे अहमद कहते हैं -“वे ‘सायंटिस्ट बाई माइंड‘ और ‘पोएट बाई हार्ट‘ थे”, तो उनका धार्मिक होना अपने उच्चतम, और...

मिल जा कहीं समय से परे

Dr. Dushyant
सलमान खान की एक अचर्चित सी फिल्‍म ‘वीर’ में गुलजार साहब के लिखे गीत ‘सुरीली अखियों वाले’ की यह पंक्ति सालों से मेरे जेहन में अटकी हुई है। पर क्‍या ये मुमकिन है? क्‍या यह महज एक दार्शनिक खयाल है? हमारी देखी, सुनी, पहचानी व्‍यवहारिक...